सम्पादकीय


    दिल्ली किसकी होगी
……………
आजकल देश का दिल कहलाया
जाने वाला और राजधानी दिल्ली मे चुनाव करीब आ रहा है लेकिन क्या होगा इस  बार सबकी जहन 
मे सवाल दौड़ रहा है | पिछले चुनाव मे दिल्ली की जनता ने केजरीवाल को
सरकार
बनाने का मोका दिया, जिसमे केजरीवाल फेल साबित हुये और बीच मे जनता को
ऊँचे-ऊँचे वादा निभाने वाली आप पार्टी मैदान छोड़ भाग खडी हुई | फिर इस बार
आप पार्टी जनता से
दुबारा मौका देने की बात को कहकर चुनाव मैदान मे है ,मुद्दा इस बार कोई
नहीं है
सिवाय दूसरी पार्टी की बुराईयों के अलावा या धरने –प्रदर्शन | कांग्रेस
पहले से ही
हर बार  पराजय का सामना कर हाफ रही है
क्योकि जनता ने हर जगह से कांग्रेस को नकार दिया है | फिलहाल दिल्ली का चुनाव
दिलचस्प इसलिय भी हो चूका है कि आप पार्टी की शाजिया इल्मी सहित किरण बेदी की
बीजेपी पार्टी मे एंट्री हो चुकी है, महिला होने के साथ –साथ समाज और देश मे लोगो
की आइकॉन है ,बीजेपी की अंदरूनी रस्सा –कसी के बीच
अमित शाह ने किरण बेदी को
लाकर पार्टी को तुरुप का इक्का दे दिया है
जिसकी काट किसी पार्टी के पास नहीं है और जो सीएम पद की उम्मीदवार भी बन सकती है
| डगर कठिन जरुर है और दिलचस्प भी ,लेकिन दिल्ली के लोग क्या फैसला लेंगे वो सबसे
बेहतर जानते है | 
By इनसाइड कवरेज न्यूज़

     नीति कारगर हो, तभी मुनाफे की उम्मीद………..

पिछले
कुछ समय से एयरलाइन्स घाटे का सौदा बनी हुई है, चूँकि कोंग्रेस की यू पी
ए शासन में तो निजी एयरलाइंसे तो दूर सरकारी एयर इण्डिया (महाराजा) की
कंपनी
लगातार घाटे में चल रही थी, लेकिन बीते दिसम्बर में एयर इण्डिया ने 14 करोड़
रुपये
से ज्यादा का शुद्ध लाभ कमाया, किंग फिशर एयर लाइन्स का सभी ने नजारा देखा
कैसे माल्या अपनी अय्याशियों पर करोड़ों-अरबों रूपये खर्च करता है, बावजूद
अपनी एयर
लाइन्स के स्टाफ को देने के लिए पैसे कभी नहीं रहे, आज स्थिति ऐसी है की
किंग फिशर
बंद ही हो चुकी है, इसी प्रकार जेट एयर लाइन्स पर करीब २००० करोड़ से ज्यादा
की
देनदारी है, जिसमे अथोरिटी बैंक वित्तीय संस्थाएं 
हैं, दरअसल सरकारी हो या गैर सरकारी एयर लाइने सभी का एक मात्र कार्य है,
लोगों को पूरी सुविधाओं के रूप में उनके गंतव्य तक पहुचना, भारतीय एयर लाइनों का
ही हाल ऐसा क्यों है, क्यों नहीं नीति और नियत पर ध्यान दिया जाता है, उम्मीद है
की मोदी सरकार सभी एयर लाइनों के लिए कारगर नीति बनायगी ताकि पर्यटन उद्योग को भी
नई उचाईयों तक पहुँचाया जा सके और ददेन दारी के कारन कोई एयर लाइन बंद ना हो

      

420 बाबाओं के मोह जाल मे
फ़सते –लुटते अंध लोग…….. 
जहां
शून्य से लेकर वेद
, उपनिषद , ग्रन्थ रचे गये और जिसके आधार को लेकर बड़ी –बड़ी खोज दुनिया कर
चुकी हो। लेकिन दुर्भाग्यवश हमारा भारत आज भी रूडीवादिता , ढोंग , अंध
श्रदा से इतना ग्रस्त
हो चुका है कि आज हमे जिन ऊचाईयों पर होना चाहिय था, उससे काफी निचले
पायदान पर
सिसक –सिसक कर खिसक रहे है | अर्थवयवस्था हो ,रक्षा क्षेत्र हो , शिक्षा
हो , सामाजिक
उत्थान हो सभी मे हालात चुनोतिपूर्ण बनी हुई है , इसके बाबजूद हमारे देश के
लोग कर्म प्रधान को छोड़ ढोगीबाबाओं , संतो , झूठे प्रवचन और कथा वाचकों के
मोहजाल में फसते
नजर आते हैं, अभी ताजा प्रकरण लीजिये किस प्रकार हरियाणा में ढोंगी बाबा
रामपाल और
इससे पहले चरित्र हीन आशा राम व उसके बेटे को पुलिस ने जेल की सलाखों के
पीछे
पहुँचाया, जो आज तक जेल की हवा खा रहे हैं, धर्म के नाम पर आडम्बर, पाखंड
का सहारा
लेकर ऐसे बाबाओं संतों ने अंध श्रद्धा में भ्रमित लोगों को किस तरह कितनी
बार शोषण
किया, हजारों लाखों लोगो की ऐसे बाबाओं संतों के प्रति आस्था हमेशा दुखद ही
रही
है, यौन शोषण बलात्कार के आरोप लग जाने के बाद और असमान पर उड़ने वाला
आशाराम जेल
की बंद कोठरी में कैद है परन्तु अंध समर्थक आज भी मानने को तैयार  नहीं,
इसी प्रकार फर्जी कब्रें बनाकर मजार के
तौर पर प्रचारित कर उस पर चादर डाल लोगों को अफवाह फैलाकर भ्रमित किया जाता
है,
मंदिर हो या मजार कुकुरमुत्ते की तरह नित नए पैदा हो रहे हैं जिस पर सरकार
को सख्त
लाने की जरुरत हैं, मंदिर मठों में चढ़ावे को सरकार अपनी निगरानी में इस
पैसे को
इन्फ्रास्ट्रक्चर में लगाए तथा आशा राम, रामपाल, निर्मल बाबा जैसे तथा कथित
लोगों
द्वारा भ्रमित करने वालों को सबक सिखाये। आज हमारे देश में अच्छी शिक्षा के
मंदिरों की जरुरत है, जहाँ गरीब बच्चे को भी विश्व स्तर की शिक्षा मिल
सके।

आगाज करे पूरे
ज़ोश से ……………. 11-01-2015

दोस्तों 2014 बीत गया जो किसी के लिय अच्छा होगा तो किसी के
लिय कुछ बुरा लेकिन 2015
हम सभी के लिय कुछ नया
होगा इस
Faith
[आस्था ] के साथ , आने वाले अच्छे Time [समय] के साथ , मन मे Dreams [सपने ] लिय , पूरी Power [ ताकत] के साथ ,अपने प्रति Hope [आशा ] की किरण लिय , नये –नये  Idea [विचार] लिय ,पूरी Freedom [स्वतंत्रता] के साथ . जीवन मे तरह -तरह के  Risks [जोखिमो ] की परवाह किय बगैर , अपने Attitude [तहजीब ] के दायरे मे रहकर हम सभी
अपने -अपने उद्देश्य मे
Success [सफलता ] प्राप्त करे ,यही 2015 मे इनसाइड कवरेज
आप सभी के लिय उपर वाले से मनोकामना मांगता है
| आप का किया कार्य समाज ,देश ,दुनिया और स्वंम
के लिय बेहद उपयोगी साबित हो,
  इस्लाम का कवच पहन कर …………10-01-2015

कभी पेशावर मे मासूम बच्चों
का जनसंहार तो कभी फ्रांस मे पत्रकारों का क़त्ल तो कभी इराक मे आम नागरिको के साथ
वहशियाना हरकते या भारत मे शांति को भंग करने का मंसूबा एसे लोगो का , संगठन का कोई
धर्म .कोई मजहब ,कोई खुदा –भगवान नहीं होता |आज आतंकवाद इस्लाम का कवच पहन कर क्यों इस्लाम को दुनिया-जहां
मे बदनाम कर रहा है , क्यों चुप है दुनिया के मुस्लिम , वक्त आ चुका है कि आतंकवाद को सभी धर्मो के
लोग एक साथ –एक मंच पर आकर जड़ से नेस्तनाबुत करे वरना सभलने का वक्त शायद ही मिले क्योकि अब
लड़ाई आतंक और सभ्यता के बीच है। खासकर उदारवादी मुसलमानों को सोचना होगा कि तालिबान
, अलकायदा , बोकोहरम , बगदादी का आईएस आईएस हो या पाकिस्तान की
आई एस आई एजेंसी- जो
आतंकवाद की जननी है, इस पर गहन शोध की जरुरत है कि क्यों इस्लाम की आड लेकर
आतंकवादी संगठन अपने हितो को साध रहे है|  
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