राजस्व कार्याें एवं जनपद में हो रहे राष्ट्रीय राजमार्ग की हुई समीक्षा- Udham Singh Nagar

रुद्रपुर 01 मार्च – आयुक्त कुमायुं मण्डल डी सेंथिल पाण्डियन ने
कलक्ट्रेट सभागार में राजस्व कार्याें एवं जनपद में हो रहे राष्ट्रीय 
राजमार्ग के चैडीकरण कार्याें की समीक्षा कर अधिकारियों को आवष्यक दिशा
निर्देश दिये। मण्डलायुक्त ने राजस्व एवं एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देष
दिये कि किसी भी अधिकारी द्वारा किसी व्यक्ति विषेश को लाभ पहुंचाने के
मकसद से अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर का कार्य न किया जाय। उन्होंने कहा कि
एनएच-74 हेतु भूमि अधिग्रहण सम्बन्धी कार्याें में यह संज्ञान में आ रहा
है कि कतिपय अधिकारियों द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर का कार्य किया
गया है। उन्होंने आगाह किया कि यदि कोई भी अधिकारी किसी विषेश व्यक्ति को
लाभ पहंुचाने के उद्देष्य से नियम विरुद्व कार्य करता पाया गया तो उसके
खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। मण्डलायुक्त ने बताया कि जनपद
के बाजपुर तहसील के अन्तर्गत वर्श 2012 में एक ही दिन में 120 से अधिक भूमि
के मामलों में 143 की कार्यवाही की गई है जो जाचं का विशय है। उन्होंने
कहा कि इस मामले की जांच हेतु षासन को पत्र लिखकर किसी बाहरी एंजेंसी से
जांच की मांग की जायेगी। साथ ही मण्डलायुक्त ने एचएच-74(काषीपुर से
सितारगंज) एवं एनएच-87 (रामपुर से काठगोदाम) चैडीकरण कार्याें में तेजी
लाने के निर्देष देते हुए कहा कि प्रदेष में पयर्टन की दृश्टि से इन
राश्ट्रीय राजमार्गों का षीघ्र चैडीकरण किया जाना बेहद जरुरी है इसलिए 15
मार्च के बाद एनएच-74 एवं एनएच-87 के चैडीकरण कार्याें को प्राथमिकता देते
हुए एनएच चैडीकरण कार्य युद्ध स्तर पर पूर्ण कर लिया  जाय। मण्डलायुक्त ने
कहा कि एनएच के कार्याें हेतु जिस भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया है व उस
भूमि का मुआवजा सम्बन्धित को दे दिया गया हो तो उस भूमि का परवाना अमल
दरामत षीघ्र कर लिया जाय ताकि वह भूमि अभिलेखों में सरकार के खाते में आ
जाय। मण्डलायुक्त ने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देष दिये कि एचएच-74 के
चैडीकरण में अब तक भूमि अधिग्रहण सम्बन्धी मामलों में तहसीलवार जितने लोगों
को मुआवजा राषि का भुगतान कर दिया गया है उसकी सूची षीघ्र उपलब्ध करा दी
जाय ताकि षेश किये जाने वाले भुगतान की जानकारी मिल सके। बैठक में एनएचएआई
एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों द्वारा खटीमा, नानकमत्ता एवं गदरपुर
बाईपास के निर्माण में आने वाली दिक्कतों से भी मण्लायुक्त को अवगत कराया
गया। इस पर मण्डलायुक्त ने कहा कि खटीमा की थारुलैण्ड सम्बन्धी समस्या को
षासन को प्रेशित कर षीघ्र ही उसका हल निकाला जायेगा व गदरपुर एवं नानकमत्ता
बाईपास सम्बन्धी समस्या के निस्तारण हेतु जिलाधिकारी को निर्देषित किया।
मण्डलायुक्त ने जिलाधिकारी को निर्देष दिये कि जनपद में सरकारी भूमि की
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विषेश योजना बनाई जाय ताकि नजूल भूमि पर
लोगों द्वारा कब्जा न किया जा सके। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देष दिये कि
भूमि सम्बन्धी मामलों में जो भी गलत एन्ट्री हुई है उसे एक सप्ताह के भीतर
जिलाधिकारी/अभिलेख अधिकारी के माध्यम से ठीक कर लिया जाय। मण्डलायुक्त ने
अपीलीय मामलों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी एसडीएम वादों के निस्तारण
में तेजी लाये। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम द्वारा कोर्ट सम्बन्धी मामलों
के निस्तारण के लिए समयसारिणी निर्धारित की जाय ताकि तहसील स्तर पर अधिक से
अधिक वादों का निस्तारण हो सके। उन्होंने डीजीसी को निर्देष दिये कि जनपद
में गवर्मेन्ट से सम्बन्धित जितने भी मामलों में अपील हुई है उनकी रिपोर्ट
षीघ्र उपलब्ध करायी जाय। मण्डालायुक्त ने जिलाधिकारी को निर्देष दिये कि वह
समय-समय पर एसडीएम एवं तहसीलदार स्तर पर होने वालों वादों के निस्तारण
कार्याें की समीक्षा करते रहे ताकि वाद निस्तारण कार्य लम्बित न रहंे।
 
 
   बैठक में जिलाधिकारी चन्द्रेष कुमार, एडीम प्रताप सिंह षाह व ईलागिरी,
एसडीएम पंकज उपाध्याय, नरेष दुर्गापाल, पूरन सिंह राणा, विजयनाथ षुक्ल व
विनोद कुमार, विषेश भूमि अध्याप्ति अधिकारी डीपी सिंह, एनएचएआई से अनुज
कुमार, डीजीसी स्वतन्त्र बहादुर सिंह,मुख्य प्रषासनिक अधिकारी धर्म सिंह
राणा, वरिश्ठ प्रषासनिक अधिकारी गोपाल दत्त पाण्डे व खडगराम आर्य आदि
उपस्थित थे। 
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